हरे कृष्णा
प्रभु जी मेरे अवगुण चित न धरो-समदरसी प्रभु नाम तिहारो
अपने पनही करो-प्रभु जी मेरे अवगुण चित न धरो
एक लोहा पूजा में राखत -एक घर बधिक पारो
यह दुविधा पारस नहीं जानत- कंचन करत खरो
एक नदिया एक नार कहावत मेलो नीर भरो
जब मिलके एक बरन -भये सुरसरी नाम पारो
एक जीव इक ब्रह्म कहावत सुर श्याम झगरो
अब की बेर मोहि पार उतारो नहीं पण जात टरो
प्रभु जी मेरे अवगुण चित न धरो
जय श्री कृष्ण
प्रभु जी मेरे अवगुण चित न धरो-समदरसी प्रभु नाम तिहारो
अपने पनही करो-प्रभु जी मेरे अवगुण चित न धरो
एक लोहा पूजा में राखत -एक घर बधिक पारो
यह दुविधा पारस नहीं जानत- कंचन करत खरो
एक नदिया एक नार कहावत मेलो नीर भरो
जब मिलके एक बरन -भये सुरसरी नाम पारो
एक जीव इक ब्रह्म कहावत सुर श्याम झगरो
अब की बेर मोहि पार उतारो नहीं पण जात टरो
प्रभु जी मेरे अवगुण चित न धरो
जय श्री कृष्ण
