Hare Rama
सुद्ध सच्चिदानंदमय कंद भानुकुल केतु
चरित करत नर अनुहरत संसृति सागर सेतु
भगत भूमि भूसुर सुरभि सुर हित लागि कृपाल
करत चरित धरि मनुज तनु सुनत मिटहि जग जाल
जय श्री राम
सुद्ध सच्चिदानंदमय कंद भानुकुल केतु
चरित करत नर अनुहरत संसृति सागर सेतु
भगत भूमि भूसुर सुरभि सुर हित लागि कृपाल
करत चरित धरि मनुज तनु सुनत मिटहि जग जाल
जय श्री राम
