हरे रामा
राज नीति बिनु धन बिनु धर्मा
हरिहि समर्पे बिनु सतकर्मा
बिद्या बिनु बिबेक उपजाएँ
श्रम फल पढ़े किएँ अरु पाएँ
संग ते जती कुमंत्र ते राजा
मान ते ग्यान पान तें लाजा
प्रीति प्रनय बिनु मद ते गुनी
नासहि बेगि नीति अस सुनी
जय श्री राम
राज नीति बिनु धन बिनु धर्मा
हरिहि समर्पे बिनु सतकर्मा
बिद्या बिनु बिबेक उपजाएँ
श्रम फल पढ़े किएँ अरु पाएँ
संग ते जती कुमंत्र ते राजा
मान ते ग्यान पान तें लाजा
प्रीति प्रनय बिनु मद ते गुनी
नासहि बेगि नीति अस सुनी
जय श्री राम
