हरे रामा
गिरा अरथ जल बीचि सम
कहिअत भिन्न न भिन्न
बंदउँ सीता राम पद
जिन्हहि परम प्रिय खिन्न
बरषा रितु रघुपति भगति
तुलसी सालि सुदास
राम नाम बर बरन
जुग सावन भादव मास
जय श्री राम
गिरा अरथ जल बीचि सम
कहिअत भिन्न न भिन्न
बंदउँ सीता राम पद
जिन्हहि परम प्रिय खिन्न
बरषा रितु रघुपति भगति
तुलसी सालि सुदास
राम नाम बर बरन
जुग सावन भादव मास
जय श्री राम
