Hare Rama
जीवन एक विचित्र सत्य है
मानव के लिए यह एक चिंतन का विषय भी है
शरीर से आत्मा व् आत्मा से शरीर का सम्बन्ध माया जनित है
जीव शरीर को ही अपना सत्य मान कर जीवन यापन करता है
पर आत्मा की खोज एक विषय है जिसे मानव पा सकता है
जीवन में कोई भी मरना नहीं चाहता पर वह सभी को मोत डस लेती है'
जीवन में कोई भी रोग नहीं चाहता पर रोग कभी न कभी जीवन को व्यापता जरूर है
जीवन में कोई वृद्धावस्था को नहीं चाहता पर वह सभी को व्यापती है
जीवन में कोई कठिनता नहीं चाहता पर सभी इसका प्रत्यक्ष अनुभव करते है
जीवन के सत्य को यदि आत्मा के सत्य में समावेश कर देखा जाए तो सभी प्रश्नों का कुछ न कुछ हल मिल जायेगा
आत्मा एक सत्य है जिसकी खोज भीतरी सत्य पर आधारित है और वह जीव व् जीवन के सही मूल्यांकन का आधार भी है
जय श्री राम
जीवन एक विचित्र सत्य है
मानव के लिए यह एक चिंतन का विषय भी है
शरीर से आत्मा व् आत्मा से शरीर का सम्बन्ध माया जनित है
जीव शरीर को ही अपना सत्य मान कर जीवन यापन करता है
पर आत्मा की खोज एक विषय है जिसे मानव पा सकता है
जीवन में कोई भी मरना नहीं चाहता पर वह सभी को मोत डस लेती है'
जीवन में कोई भी रोग नहीं चाहता पर रोग कभी न कभी जीवन को व्यापता जरूर है
जीवन में कोई वृद्धावस्था को नहीं चाहता पर वह सभी को व्यापती है
जीवन में कोई कठिनता नहीं चाहता पर सभी इसका प्रत्यक्ष अनुभव करते है
जीवन के सत्य को यदि आत्मा के सत्य में समावेश कर देखा जाए तो सभी प्रश्नों का कुछ न कुछ हल मिल जायेगा
आत्मा एक सत्य है जिसकी खोज भीतरी सत्य पर आधारित है और वह जीव व् जीवन के सही मूल्यांकन का आधार भी है
जय श्री राम
