हरे राम
हरि माया अति दुस्तर
तरि न जाइ बिहगेस
कहत कठिन समुझत कठिन
साधन कठिन बिबेक
होइ घुनाच्छर न्याय
जौं पुनि प्रत्यूह अनेक
ग्यान पंथ कृपान कै धारा
परत खगेस होइ नहिं बारा
जो निर्बिघ्न पंथ निर्बहई
सो कैवल्य परम पद लहई
जय श्री राम
हरि माया अति दुस्तर
तरि न जाइ बिहगेस
कहत कठिन समुझत कठिन
साधन कठिन बिबेक
होइ घुनाच्छर न्याय
जौं पुनि प्रत्यूह अनेक
ग्यान पंथ कृपान कै धारा
परत खगेस होइ नहिं बारा
जो निर्बिघ्न पंथ निर्बहई
सो कैवल्य परम पद लहई
जय श्री राम
