हरे रामा
उमा राम सम हित जग माहीं
गुरु पितु मातु बंधु प्रभु नाहीं
सुर नर मुनि सब कै यह रीती
स्वारथ लागि करहिं सब प्रीती
जय श्री राम
उमा राम सम हित जग माहीं
गुरु पितु मातु बंधु प्रभु नाहीं
सुर नर मुनि सब कै यह रीती
स्वारथ लागि करहिं सब प्रीती
जय श्री राम
